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भागलपुर में बर्ड फ्लू का कहर: H5N1 वायरस की पुष्टि, 3000 मुर्गियों की मौत के बाद रेड जोन घोषित

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भागलपुर के कुक्कुट पालन केंद्र में H5N1 बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद 3000 मुर्गियों की मौत। प्रशासन ने रेड जोन घोषित कर सख्त कदम उठाए।

भागलपुर/आलम की खबर: बिहार के भागलपुर जिले से एक गंभीर और चिंताजनक स्वास्थ्य अलर्ट सामने आया है। बरारी स्थित क्षेत्रीय कुक्कुट पालन केंद्र में पिछले कई दिनों से हो रही मुर्गियों की रहस्यमयी मौतों के पीछे बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि हो गई है। भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (NIHSAD) की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि यहां H5N1 वायरस का संक्रमण फैला हुआ है, जिसे बेहद खतरनाक माना जाता है।

3000 मुर्गियों की मौत से हड़कंप

पिछले लगभग दो हफ्तों से इस कुक्कुट केंद्र में मुर्गियों की लगातार मौत हो रही थी, जिससे पहले स्थानीय स्तर पर कारण स्पष्ट नहीं हो सका। शुरुआत में नमूने पटना और कोलकाता की प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे, लेकिन वहां से कोई निर्णायक रिपोर्ट नहीं मिल पाई।

इसके बाद सैंपल को भोपाल स्थित NIHSAD लैब भेजा गया, जहां जांच के बाद पुष्टि हुई कि यह बर्ड फ्लू का H5N1 वेरिएंट है। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया।

प्रशासन ने घोषित किया रेड जोन

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को ‘रेड जोन’ घोषित कर दिया है। इसका मतलब है कि अब इस क्षेत्र में कड़ी निगरानी, आवागमन पर नियंत्रण और संक्रमण रोकने के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे।

पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकारी कुक्कुट केंद्र को “एपिक सेंटर” मानते हुए संक्रमण नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत 1 किलोमीटर के दायरे में सभी निजी और सरकारी पोल्ट्री फार्म को बंद करने का आदेश दिया गया है।

संक्रमण रोकने के लिए सख्त SOP लागू

कुक्कुट केंद्र के सहायक निदेशक डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत संक्रमित पक्षियों को नियंत्रित तरीके से नष्ट किया जाएगा और उन्हें सुरक्षित रूप से दफन किया जाएगा।

इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में बायो-सिक्योरिटी उपायों को सख्ती से लागू किया गया है। कर्मियों को सुरक्षात्मक उपकरणों के साथ ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

कैसे फैला वायरस? जंगली पक्षियों पर शक

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संक्रमण संभवतः आसपास के क्षेत्र में मौजूद जंगली पक्षियों के माध्यम से फैला हो सकता है। कुक्कुट केंद्र के आसपास पेड़ों पर बैठने वाले पक्षियों की बीट (droppings) को संभावित स्रोत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, H5N1 वायरस अत्यधिक संक्रामक होता है और पक्षियों के बीच तेजी से फैल सकता है, खासकर जब जैव सुरक्षा कमजोर हो।

इंसानों के लिए भी चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि बर्ड फ्लू संक्रमण में इंसानों में भी कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे तेज बुखार, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, आंखों में लालपन और मांसपेशियों में दर्द।

हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन संक्रमित क्षेत्र से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।

चिकन और अंडे को लेकर स्थिति साफ

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बाजार में मिलने वाले चिकन और अंडों को लेकर अनावश्यक डर न फैलाया जाए। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चिकन को 100 डिग्री सेल्सियस पर पूरी तरह पकाया जाए तो H5N1 वायरस नष्ट हो जाता है, क्योंकि यह 70 डिग्री सेल्सियस पर ही समाप्त हो जाता है।

फिर भी, एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन की सतर्कता और आगे की रणनीति

पशुपालन विभाग और जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संक्रमित क्षेत्र में नियमित जांच, सैनिटाइजेशन और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज की रिपोर्ट के बाद अब केंद्र और राज्य स्तर पर भी अलर्ट जारी किया गया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

स्थानीय लोगों में चिंता

इस घटना के बाद आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों में डर और चिंता का माहौल है। हालांकि प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।

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